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Monday, February 8, 2016

* प्रेम वेदी *

चल बैठें चर्च के पीछे
रंगबिरंगी मन्नतों की मोली के
घेरों से सजे उस बरगद के नीचे
जहाँ सुनाई देती है दूर से आती
प्रेम पगी पीली सी शाम की
मीठी अजान!
खोल लेंगे तेरी गठरी,
पोटली मैं अपनी ले आउंगी।
चुगेंगें अब तक के तेरे मेरे
जीवनमुल्य,अनुभव, संस्कार...
एक सी मान्यताओं पर
compatibility का सा अहसास
हम दोनों को
कुछ और करीब ले आएगा।
तेरी परंपराओं पर मैं
आँखे बड़ी बड़ी कर आश्चर्य जताऊंगी,
मेरे यहाँ के रीति रिवाजों पर
तुम गौरवान्वित हो जाओगे।
तुम्हारी गहरी आंखों में
मैं देवी सी झलकूंगी,
तुम मेरे खुदा हो जाओगे।
नए-नए आयामों का एक सांझा चूल्हा,
साँझी रसोई बनाएंगे।
वहीं सरहद सरजमीं पर मिल गले
हम जमाने की सलीब चढ़ जाएंगे।
आने वाली पीढ़ियों को
जीने की नई तरकीब दे जाएंगे।
************ मुखर, 8/2/16
प्यार के मौसम और वैलेंटाइन डे की अग्रिम शुभकामनाओं सहित।
Compatibility का हिंदी में शब्द जरूर बताएं :)
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