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Tuesday, August 23, 2011

"raajneetik jadoo"

" जादू"
ऊपर या नीचे,
आगे या पीछे,
दायें या बाएं,
ये न पूछिए !
समय चल रहा है,
सब चल रहे हैं,
तो पक्का है कि
देश भी चल रहा है!
अवनति- उन्नति
"माया" जाल है!

राजधानी के
जादूई गोल इमारत में
जादू का शो चल रहा है!
आप चुपचाप देखते जाइये!
शांति बनाये रखिये!
टिकट लिया है न?
वोट दिया है न?
टैक्स पे किया है न?
बस अब देखिये .
पलक झपकते ही
पैसा कैसे रंग बदलता है .
जनता का खरा धवल धन
कैसे काला हो जाता है.
आप चेक यहाँ जमा कराते हैं,
वह स्विस पहुँच जाता है.
जनता का 'रुपया' ले,
'पैसा' थमा दिया जाता है.
राजनीति के बक्से में घुस कर,
रंक 'रजा' में तब्दील हो जाता है!

सतयुगी जनता अभिभूत हो,
ताली बजती, शीश नवाती,
और सरकार 'माई-बाप' कहलाती.
(याद कीजिये 'इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया')

पर आज कि जागरूक जनता,
जान गयी है 'जादू' का 'ट्रिक',
इन्टरनेट पर बच्चा बच्चा करता,
एंटी-करप्शन को क्लिक !
अब समय चलेगा नहीं,
अब समय सरपट दौड़ेगा!
अब पैसा नहीं, देश रंग बदलेगा.
गाँव गाँव, शहर शहर,
उन्नति अब करेगा !!
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